PM MODI ने चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि दी
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
PM-Modi-Tribute-Chandrashekhar-Azad-balidan-Diwas
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बलिदान दिवस पर चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और राष्ट्रभक्ति को याद किया।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में पीएम ने आजाद के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया।
Delhi/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उनके अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना को याद करते हुए कहा कि आजाद का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले ऐसे वीर सपूत सदैव राष्ट्र की स्मृति में अमर रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया। उनका संकल्प, साहस और देशभक्ति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आजाद का जीवन इस बात का प्रतीक है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहना ही सच्चा पराक्रम है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने कहा कि मां भारती को आजाद कराने के लिए उनके द्वारा किया गया सर्वोच्च बलिदान देश को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक भी उद्धृत किया—
“न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते।
शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम् ।।”
इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने शौर्य की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि तीनों लोकों में शौर्य से श्रेष्ठ कोई तत्व नहीं है। शौर्य ही वह शक्ति है जो समाज और राष्ट्र की मर्यादा, समृद्धि और कर्तव्य का आधार बनती है।
देशभर में भी विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि दी। उनके बलिदान और त्याग को स्मरण करते हुए लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। आजाद की विरासत भारतीय युवाओं को अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और राष्ट्रहित में समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।